जीतेंद्र शर्मा (संगीत एवम नाट्य गुरु, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली से अधिकृत,संस्थापक शुभ विचार संस्था जयपुर Repertory )
जीतेंद्र शर्मा (संगीत एवम नाट्य गुरु, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली से अधिकृत,संस्थापक शुभ विचार संस्था जयपुर Repertory )
( कला (संगीत व नाट्य) में शिक्षा,शिक्षण और कला के माध्यम से समाज को संदेश,परिवर्तन व सेवा)
कला में उच्च शिक्षा :
संगीत विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय से भारतीय शास्त्रीय संगीत में स्नातक व स्नातकोत्तर उपाधि प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण,
राजस्थान संगीत संस्थान से सितार वादन में निपूर्ण,तबला वादन में मध्यमा की डिग्री प्रथम श्रेणी में,प्रयाग संगीत समिति से हारमोनियम और गायन में जूनियर डिप्लोमा प्रथम श्रेणी में ग्रहण किया ।
संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली से अधिकृत व पोषित भारतीय रंगमंच (theatre ) में डिप्लोमा कोर्स ।
प्रतिनिधित्व : 150 से अधिक राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय आयोजन/सेमिनार/कॉन्फ्रेंस/समेलन में भागीदारी,प्रस्तुति,वक्तव्य ,
लेखन : दस से अधिक शोध आलेख व समीक्षा,लघु एवम पूर्ण कालिक नाटक
अभिनय एवम भूमिकाए : 50 से अधिक रंगमंच नाटक/टीवी धारावाहिक/संगीत एल्बम/डाक्यूमेट्री/वीडियो में
नेतृत्व : भारत सरकार द्वारा भेजे गये “चाइना यूथ डेलीगेशन” में यूथ एंबेसडर
: संगीत विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय में अध्यक्ष व विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक सचिव,
सम्मान/अवॉर्ड :
: गोवा सरकार द्वारा गोवा के राज्यपाल के हाथो देश के“सर्वश्रेष्ठ संस्कृतिकर्मी“ का पुरस्कार वर्ष 2025
पद्मम् भूषण ग्रैमी विजेता संगीतकार पंडित विश्वमोहन भट्ट द्वारा उनके पिता जी की स्मृति में संगीत विभूति “पंडित मनमोहन भट्ट स्मृति पुरस्कार” वर्ष 2023 & 2025
(संगीत नाटक और साहित्य की 20 वर्ष की यात्रा में उत्कृष्ट योगदान देने पर)
: अभिनेता तुषार कपूर द्वारा “ग्लोबल आइकॉन एक्टर एंड डायरेक्टर थिएटर अवार्ड” वर्ष 2025
: संगीत विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय के 50 वर्ष पूरे होने पर विभाग द्वारा कुलपति के हाथो “विशिष्ट प्रतिभा सम्मान“ वर्ष 2023
राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) नई दिल्ली से Repertory के तहत संगीत-नाट्य गुरु :
देश के सब से बड़े नाट्य महाविद्यालय राष्ट्रीय नाट्य महाविद्यालय नई दिल्ली द्वारा संगीत नाट्य गुरु,जिसके तहत पिछले पाँच वर्ष से निरंतर विद्यार्थियों को संगीत व नाटक का प्रशिक्षण दे रहे हैं इस के तहत सीखने वाले विद्यार्थियों को प्रति वर्ष प्रति माह प्रति विद्यार्थि को दस हजार रुपये भी संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार से दिलाते है ।
कला शिक्षा (संगीत-नाटक) में “कला शिक्षक” के रूप मे अध्यापन का 15 का अनुभव :
वर्ष 2010 से दीपशिखा शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय जयपुर से कला शिक्षक के रूप में सेवा देना प्रारम्भ किया,वर्तमान में महात्मा गांधी शिक्षण प्रशिक्षण महाविद्यालय जयपुर में कला शिक्षक के पद पर सेवाए दे रहे है,
ग्रामीण क्षेत्रों में युवा व विद्यार्थियों को संगीत नाट्य कला का प्रशिक्षण :
संगीत नाटक की कार्यशाला अधिकतर महानगरों में श्याम के समय लगती है जो रात्रि 9 बजे तक चलती है,गांव का इच्छुक युवा इतनी दूर जाकर सीखने की लाख इच्छा के बाद भी वंचित रह जाता , जब मैं गांव से जयपुर के रवीन्द्र मंच पर नाटक सीखने जाता तो दो बस बदल कर चार किलोमीटर पैदल चलकर चार घंटे में मंच पहुचता,रात्रि नो बजे जीप,ट्रक से शिवदासपुरा पहुँचता यहाँ से 4 किलोमीटर पैदल चलकर काली रात रात्रि के सुनशान रास्ते से घर 12 बजे तक घर लौटता । इतनी मेहनत हर किसी को नहीं करनी पड़े इसके लिये ग्रामीण क्षेत्र के विधालय और कॉलेज में ग्रामीण क्षेत्रों के इच्छुक छात्रों व युवाओं के लिए संगीत नाट्य कार्यशाला व मंच प्रस्तुति का अवसर दिलाने का कार्य किया ।अव तक एक हज़ार से अधिक विधार्थियो को निशुल्क प्रशिक्षण दिया है ।
5000 से अधिक प्रतिभवान युवा कलाकारो को मंच उपलब्ध करवाया :
संगीत विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया तब से जिन प्रतिभावान कलाकारो को अपनी कला को दिखाने का अवसर नहीं मिलता उन्हें मंच देने का बीड़ा उठाया, छात्र जीवन और छात्र संघ अध्यक्ष के समय “धड़कन”, ”युवा महाउत्सव”, “मिलेनियम यूथ फेस्टिवल” जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम राजस्थान विश्वविद्यालय में करवाकर हजारों प्रतिभाओं को मंच दिया उनकी प्रतिभा को तराशा । उच्च शिक्षा के बाद कला क्षेत्र में प्रतिभाओं का प्रशिक्षण,प्रदर्शन सम्मान व अध्ययन का अवसर देने के लिए “शुभ विचार संस्था” बनाई संस्था पिछले 16 वर्ष में कला के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं संस्था अपने नियमित आयोजन,जयपुर म्यूजिक फेस्टिवल,जयपुर इंटरनेशनल म्यूजिक अवार्ड, शास्त्रीय संगीत सभा,जयपुर कला वार्ता,जयपुर कला,साहित्य,पर्यटन अवार्ड,रूरल थिएटर वर्कशॉप आदि का आयोजन नियमित रूप से आयोजित कर 5000 से अधिक कलाकारों को मंच दिया है ।
कला प्रस्तुतियों से समाज को संदेश : संगीत और नाटक की प्रस्तुतियो द्वारा समाज को संदेश देते हैं,15 से अधिक नाट्य प्रस्तुतियों द्वारा नशा मुक्ति,जल व पर्यावरण संरक्षण, बुजुर्गों का सम्मान,आदि का संदेश दिया ,नशा मुक्ति पर नाटक बना कर उसकी प्रस्तुति जयपुर के दो दर्जन महाविद्यालय में करवाकर एक हज़ार से अधिक युवाओं को नशा मुक्त कराया ।
समाज सेवा से गहरा जुड़ाव :
समाज सेवा से जुड़ाव बचपन से रहा महाविद्यालय में शिक्षा के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना का स्वयंसेवक बन कर समाज सेवा का नियमित कार्य ग्रामीण क्षेत्र और संजय नगर कच्ची बस्ती जयपुर में किया , उत्कृष्ट कार्य करने पर राजस्थान विश्वविद्यालय द्वारा “सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय सेवा योजना स्वयसेवक” का पुरस्कार गणतंत्र दिवस पर कुलपति ने दिया , भारत सरकार के युवा कार्यक्रम खेल विभाग के नेहरू युवा केन्द्र जयपुर में सामाजिक जागरूआकता और सेवा कार्य हेतु “राष्ट्रीय सेवा कर्मी” के रूप मे अवैतनिक एवं स्वैछिक रूप से जुड़ कर कार्य किया,एक वर्ष में 100 से अधिक युवा मंडल बनाये व सक्रिय किए, तत्कालीन जयपुर के आईओसी अग्नि दुर्घटना में सेवा कार्य किया, दैनिक भास्कर जयपुर की सहभागिता में रमेश एंड शारदा अग्रवाल फाउंडेशन से अपने एनजीओ शुभ विचार संस्था को जोड़कर जयपुर के तीन वृद्धा आश्रम श्रीराम वृद्धा आश्रम, शंकर सेवाधाम,कृष्णा वृद्धा आश्रम में विभिन्न सेवा कार्य किए, अभी भी वृद्धा आश्रम आवासीयाओ के साथ अपना हर तीज त्योहार मनाते है ।
महिला एवम बाल विकास विभाग जयपुर राजस्थान सरकार से नंद योजना के तहत दो आगन बाड़ी केंद्र “बम्बला दितीय “और “प्रताप नगर” को गोद लेकर बाल विकास व शिक्षण हेतु सहयोग किया । वर्षा जल संरक्षण हेतु जयपुर विकास प्राधिकरण से अधिकृत “जलदूत” बन कर वर्षा जल संरक्षण संरचना इकाई का निशुल्क निर्माण करवाते हैं । वन और वन्य जीव पर्यावरण संरक्षण हेतु वानिकी प्रशिक्षण केन्द्र वन विभाग राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार 100 विधालय में जाकर 100000 से अधिक विद्यार्थियों को जागरूक किया आवश्यकता अनुसार वृक्षारोपण किया, दैनिक भास्कर जयपुर के एक पेड़ अभियान के तहत पेड़ डोनेट किए ।
उपरोक्त सभी कार्य बिना किसी से आर्थिक सहयोग लिए स्वयं ने स्व प्रेरणा से किए ।ऐसे कार्य निरंतर जारी रहेंगे ।
Comments
Post a Comment